भारत के 5 खतरनाक डाकू, 2 डाकू ऐसे जो गरीबों के लिए डकैती करते थे

डाकू मान सिंह

डाकू मान सिंह जो आगरा जिले के खेड़ा गांव में पैदा हुए थे। डाकू मानसिंह अपने समय के बेहद ही खतरनाक डाकू थे। मान सिंह पर लूट के 1112 केस और हत्या के 185 मामले दर्ज थे। मानसिंह गरीब लोगों में काफी मशहूर थे। क्योंकि मान सिंह अमीर लोगों से पैसे चुराकर गरीब लोगों में बाट दिया करते थे। मानसिंह के खौफ से लोगों को छुटकारा दिलाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने 1955 में राज्य के भिंड जिले में उनका एनकाउंटर कर दिया था।

वीरप्पन

वीरप्पन जो कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु के जंगलो में काफी समय तक रहा। कहा जाता है कि उसने तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के जंगलों में 900 से ज्यादा हाथियों शिकार किया। वीरप्पन को पकड़ने के लिए सरकार ने कुल 20 करोड़ रुपए खर्च किए थे। 18 अक्टूबर 2004 को वीरप्पन का उसके दो साथियों के साथ तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले में आने वाले परंपरापत्ती जंगल में एनकाउंटर हो गया।

निर्भय सिंह गुज्जर

निर्भय सिंह गुज्जर चंबल के आखिरी बड़े डाकुओं में से एक था। निर्भय सिंह गुर्जर के ऊपर हत्या डकैती और अपरहण के 100 से ज्यादा मामले यूपी और MP में दर्ज थे। सन 2005 में पुलिस की बंदूक की गोली द्वारा निर्भय सिंह गुज्जर की मौत हो गयी।

सुल्तान डाकू

सुल्ताना डाकू 20वीं सदी का पहला और सबसे ज्यादा चर्चित डकैत माना जाता है। सुल्ताना डाकू गरीबों और मजदूरों के बीच काफी मशहूर थे। उन्हें पश्चिमी मीडिया ने रोबिन हुड का नाम दे रखा था। ये अमीरों से पैसे और कीमती चीज लूटकर गरीबों में बाट देते थे। इनको ब्रिटिश सरकार ने नजीबाबाद में फांसी देकर मार डाला था।

फूलनदेवी

फूलन देवी के साथ 15 साल की उम्र में एक बड़ा हादसा हो गया था। जब गांव के ठाकुरों ने उनके साथ गैंगरेप किया। और इन्ही हालातों ने फूलन देवी को बंदूक उठाने पर मजबूर कर दिया। फूलन देवी ने 1981 में स्वर्ण जाति के 22 लोगों को एक लाइन में खड़ा कर छलनी कर दिया।