शिक्षक को आजीवन कारावास

अल्मोड़ा विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने लैंगिग अपराध मामले में लमगड़ा इलाके के शिक्षक मुकेश कुमार सहगल पुत्र कुबाड़ी, निवासी बिंदुखंड थाना झबरैड़ा (हरिद्वार) को उम्रकैद ओर एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने जेलर और जेल अधीक्षक को आदेशित किया है कि यदि आरोपी सजा कम करने को आवेदन करे तो उसमें कोई अनुशंसा नहीं करेंगे।

आरोपित अध्यापक मुकेश कुमार सहगल निवासी थाना झबरैड़ा जिला हरिद्वार लमगड़ा क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक था।
पीड़िता ने अपने बयान में सारी बातें कोर्ट के समक्ष रखी।

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पीड़िता प्राईमरी पाठशाला बैगनिया, विकासखंड लमगड़ा में कक्षा चार में पढ़ती है। लगभग 2—3 माह पूर्व पीड़िता ने अपनी माता को यह बताया कि अभियुक्त मुकेश कुमार शहगल जो हमारे स्कूल में पढ़ाते हैं उसके साथ छेड़खानी व गलत काम करते थे। अपने मोबाईल पर अश्लील वीडियो दिखाते थे और दया मैडम धमकी देती थी कि ये बातें किसी को मत बताना। यदि बतायेगी तो तुझे बिच्छू घास ​लगाकर स्कूल से निकाल देंगे। इस घटना की रिपोर्ट पीड़िता के ताऊ ने थाना लमगड़ा जिला अल्मोड़ा में दर्ज कराई थी। जिसकी विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश अल्मोड़ा की न्यायालय में चला। इस मामले में अभियोजन की ओर से 11 गवाहन न्यायालय में परीक्षित कराये गये। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी शेखर चंद्र नैनवाल और विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी द्वारा मामले की पैरवी की गई तथा निर्भया प्रकोष्ठ की ​अधिवक्ता कुमारी अभिलाषा तिवारी द्वारा भी सहयोग किया गया। दस्तावेजी साक्ष्य भी न्यायालय में प्रस्तुत किये गये। विशेष सत्र न्यायाधीश अल्मोड़ा द्वारा पत्रावली पर मौजूद मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्यों का परीशीलन कर अभियुक्त मुकेश कुमार शहगल और सह अभियुक्ता दया शैलाकोटी को सजा सुनाई। साथ ही राज्य सरकार से पीड़िता के सामाजिक व आर्थिक पुर्नवास हेतु सात लाख रूपये दिये जाने के आदेश पारित किये गये हैं। यदि पीड़िता को पूर्व में कोई धनराशि दी गई है तो सात लाख रूपये में समायोजित की जायेगी।

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