शिक्षक भर्ती घोटाले में 10 अध्यापकों की नियुक्तियां रद्द की गई

राज्य सरकार की मंजूरी के बाद शिक्षा निदेशक आर के कुंवर ने राज्‍य के स्‍कूलों में अध्‍यापकों के प्रमाण पत्रेां के जॉच सम्‍बन्‍धी आदेश जारी कर दिये हैं जिससे  राज्य के अशासकीय स्कूलों में शिक्षक भर्ती घोटाले में कार्यवाही शुरु हो गई है पहला नम्‍बर अल्मोड़ा के आर्य इंटर कॉलेज का आया है, आचार संहिता के दौरान स्‍कूल में नियुक्त किए गए 10 प्रवक्ताओं की सेवा समाप्त कर दी गई है  इस कार्यवाही से अशासकीय स्कूलों में खासी हलचल है इस स्कूल को दिया गया 2000000 रुपए का  अनुदान वी वापस लिया  जा सकता है प्रदेश में कांग्रेस सरकार के दौरान वर्ष 2014  में 174 अशासकीय स्कूलों को सरकार ने वित्तीय मान्यता दी थी इनमें शिक्षक कर्मियों के पद भी सृजित किए गए वर्ष 2016 में इन स्कूलों को टोकन मनी देते हुए नियुक्ति करने की भी छूट दी गई थी, आर्य कन्या इंटर कॉलेज मैं प्रवक्ता के 11 में से 10 पदों पर प्रवक्ता नियुक्त किए गए थे, नियुक्तियों में धांधली और पद खरीदने का आरोप लगने पर तत्कालीन डीएम सचिन बंसल ने जांच की जांच में डीएम ने अनियमितता पायी गयी इसके बाद सरकार के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक कुंवर ने अपर शिक्षा निदेशक कुमाऊं से जांच करवाई जिसमें मानको को ताक पर रख दिया गया थ्‍ाा, दूसरी जांच में भी अनियमितता की पुष्टि की गई पिछले दिनों निदेशक ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर निदेशक ने नियुक्तियों  को रद्द कर दिया |

teachers in uttrakhand

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा

कि शिक्षकों की नियुक्ति मैं फर्जी प्रमाणपत्र या चयन प्रक्रिया में अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी अफसरों से कहा है कि यदि किसी स्तर पर नियम का उल्लंघन हो और गड़बड़ियां पाई जाए तो तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए |

इसके अतिरिक्त आचार संहिता के दौरान हुई मनमानी नियुक्तियां की शिकायत पर तत्कालीन अपर मुख्य सचिव शिक्षा डॉक्टर रणवीर सिंह ने नियुक्ति प्रक्रिया  रोक दी थी  आरोप है कि नये मानक तय होने के बावजूद भी कई स्कूलों ने पुराने नियमों पर भर्ती कर ली थी अपर मुख्य सचिव ने पूरे राज्य में अक्टूबर 2016 से अप्रैल 2016 17 के दौरान भर्तियों की जांच भी शुरू करवा दी है सूत्रों के अनुसार कई स्कूलों में नियमों का पालन होने व तकनीकी खामियों की पुष्टि हो चुकी है |

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