7 जनवरी को भारत और विश्व में इतिहास की

7/1/1761 – पानीपत की तीसरी लड़ाई में अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली ने मराठों को हराया।
7/1/1789 – अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन को राष्ट्रपति बनाने के लिए मतदान हुआ
7 jan 1797 – इटली ने अपने मौजूदा राष्ट्रीय ध्वज को अंगीकार किया।
7 jan 1890 – विलियम बी. परविस को फाउंटेन पेन का आविष्कार का पेटेंट मिला।
7 january 1927 – पहली ट्रांस-एटलांटिक व्यावसायिक टेलीफोन सेवा न्यूयॉर्क से लंदन के बीच शुरू हुई।
7 january 1980 – आपातकाल के तीन साल बाद भारी बहुमत के साथ इंदिरा गांधी की सत्ता में वापसी हुई।
7 – 1 – 1984 – ब्रुनेई, दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन ‘आशियान’ का छठा सदस्य बना।
7-1- 1986 – अमेरिका के राष्ठ्रपति रोनाल्ड रीगन ने लीबिया के खिलाफ आथिर्क प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।
7 jan 1987 – कपिलदेव ने टेस्ट क्रिकेट में तीन सौ विकेट पूरे किये।
7 जनवरी 1990 – पिछले 800 सालों में पहली बार पीसा की झुकती हुई मीनार को दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया।
7 january 2015– यमन की राजधानी सना में एक पुलिस कॉलेज के बाहर हुए कार बम धमाके में 38 लोगों की मौत और 63 से अधिक लोग घायल हुए।

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पढ़ें-  6 जनवरी आज के दिन हुई महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी ।
5 जनवरी -इतिहास में आज का दिन ।
04 जनवरी – इतिहास में आज का दिन

7 जनवरी के दिन जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति –

7 जनवरी 1957 – रीना रॉय – हिन्दी फ़िल्मों की अभिनेत्री का जन्म
7 जनवरी 1979 – बिपाशा बसु – हिन्दी फ़िल्मों की मशहूर अभिनेत्री  का जन्म

7 जनवरी को निधन

7 january 1943 –निकोला टेस्ला जो वाई-फाई के जनक व आविष्कारक का निधन हुआ।
7 january 1966 – बिमल राय – हिन्दी फ़िल्मों के एक महान् फ़िल्म निर्देशक।
7 जनवरी 2017 – मारियो सोरेस – पुर्तग़ाल के पूर्व राष्ट्रपति ।

निकोला टेस्ला

( बिना तार के बिजली भेजने का फार्मूला)
– निकोला टेस्ला अपने समय के काफी मशहूर वैज्ञानिक थे
– टेस्ला ने अल्टरनेटिंग करंट का अविष्कार किया था तो आज-कल आम जीवन का हिस्सा है।
– रेडियो ट्रांसमीटर और फ्लोरोसेंट लैंप का अविष्कार भी टेस्ला ने किया था।
– 19 वीं शताब्दी की शुरुआत में टेस्ला अमेरिका के महानतम इलेक्ट्रिकल इंजीनियर माने जाते थे
– निवेशक जेपी मॉर्गन की फंडिंग से टेस्ला ने बिना तारों के बिजली को भेजने से जुड़े प्रयोग शुरू किए।
– अमेरिका में आई आर्थिक मंदी से ये प्रोजेक्ट बीच समय में ही रोकना पड़ गया।
– 1943 में अपनी मौत के वक्त टेस्ला काफी हद तक बिजली को वायुमंडल की मदद से कहीं भी भेजने के काफी करीब पहुंच गए थे।
हालांकि उनकी मौत के बाद ये प्रोजेक्ट ठप हो गया।
– टेस्ला अपने नोट्स में पूरी जानकारी नहीं देते थे, वो अपनी याददाश्त पर भरोसा करते थे। ऐसे उनकी मौत के बाद साइंटिस्ट उनके एक्सपेरीमेंट्स को दोहरा नहीं सके। वायरलैस इलेक्ट्रिसिटी को लेकर उनके प्रयोग किस स्तर तक पहुंच गए थे ये राज आज तक बना हुआ है।

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