पेंशन के प्रकार

पेंशन को निम्न श्रेणियों में बांटा गया है

1 प्रतिकर पेंशन       2 अशक्तता पेंशन      3 अधिवर्षता पेंशन   4 सेवानिवृत्ति पेंशन  अ – स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, ब- अनिवार्य सेवानिवृत्ति   6- एक्सग्रेसिया पेंशनpension ke prakar

नई पेंशन योजना NPS  असुरक्षा और अनिश्चितता

नयी पेंशन योजना व पुरानी पेंशन योजना में अन्तर

1- प्रतिकर पेंशन

इसके अनुसार किसी स्थाई पद के समाप्त होने के फलस्वरुप सेवामुक्त के लिए स्थाई सरकारी सेवक को यदि किसी अन्य पद पर नियुक्त न किया जाए तो उसे यह विकल्प उपलब्ध रहता है कि

अ- उसके द्वारा की गई अर्हकारी सेवा के लिए नियमानुसार स्वीकृत किया जाए अनुमन्य पेंशन को प्रति कर पेंशन के रूप में स्वीकृत किया जाए ।

ब- किसी अन्य पद पर नियुक्ति को स्वीकार करने तथा पूर्व पद पर की गई सेवा अवधि की गणना पेंशन हेतु की जाए।

शासनादेश संख्या- सा-3-1713/दस-87-933/89, दिनांक 28 जुलाई 1989 के नंबर 16  पेंशन स्वीकृताधिकारियों के लिए दिशानिर्देश के बिंदु 11( 2) के अनुसार अस्थाई सरकारी सेवक प्रतिकर पेंशन हेतु  अर्ह है

2. अशक्तता पेंशन

अशक्तता पेंशन सी एस आर के प्रस्तर 441 से 457 में उल्लेखित व्यवस्था के अनुसार शारीरिक व मानसिक अशक्तता  के परिणाम स्वरुप स्थाई रूप से अशक्त हो जाने की दिशा में संबंधित सरकारी सेवक द्वारा सक्षम चिकित्सा अधिकारी से निर्धारित प्रारूप में  चिकित्सा प्रमाण-पत्र प्राप्त कर नियुक्ति प्राधिकारी को प्रस्तुत किए जाने पर अशक्तता पेंशन अनुमन्य होती है तथा उसे अशक्तता प्रमाण-पत्र जारी होने की दिनांक से सेवानिवृत्त माना जाएगा प्रमाण पत्र में स्पष्ट रुप से प्रमाणित किया जाना चाहिए, उसकी अशक्तता/अयोग्यता सरकारी सेवक की  अनियमितता  तथा असंयमित  आदतों के परिणाम स्वरुप नहीं हुई है।

                   अशक्तता की दशा में सेवानिवृत्त होने वाली सरकारी कर्मचारी को अनुमन्य पेंशन धनराशि किसी भी दशा में उस धनराशि से कम नहीं होगी तो उसके परिवार को प्रकृति पर उसकी मृत्यु होने की दशा में नयी पारिवारिक पेंशन योजना के अधीन उस समय पारिवारिक पेंशन के रूप में देर होगी  शासनादेश संख्या-सा-3-1152/ 10 -915/90, दिनांक 1 जुलाई 1989 के अनुसार अस्थाई स्थाई सरकारी सेवक भी अर्हकारी है

जानिये विभिन्‍न प्रकार के अवकाश व नियम

3. अधिवर्षता पेंशन

प्रत्येक सरकारी सेवक 10 माह में 7 वर्ष की आयु प्राप्त करता है उस माह के अंतिम दिन के अपरान्ह में सेवानिवृत्त हो जाता है, ऐसी सेवानिवृत्ति को अधिवर्षता कहते हैं, सीएसआर के प्रस्ताव 458 के अनुसार अगर सरकारी सेवक की जन्मतिथि माह का प्रथम दिवस है तो सरकारी सेवक पिछले माह के अंतिम दिवस को सेवानिवृत्त होगा इसके अतिरिक्त जन्म तिथि अगर माह के प्रथम दिवस को छोड़कर है तो उसी माह के अंतिम तिथि को सेवानिवृत्त होगा अधिवर्षता पर 10 वर्ष की नियमित एवं अर्हकारी सेवा पूर्ण करने वाले सभी सेवकों को अधिवर्षता पेंशन की सुविधा अनुमन्य है ।

4. सेवानिवृत्ति पेंशन

अ- अनिवार्य सेवानिवृत्तिक

नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा किसी ऐसे सेवक जिसने 50 वर्ष की आयु प्राप्त कर ली हो 3 माह का नोटिस अथवा उसके बदले में वेतन तथा भत्ता देकर जनहित में सेवानिवृत्त किया जा सकता है इस प्रकार की सेवानिवृत्ति को अनिवार्य सेवानिवृत्ति कहा जाता है मूल नियम 56 ई के अनुसार प्रत्येक सरकारी सेवक को सेवा निवृत्ती पेंशन एवं अन्य लाभ दे होंगे शासनादेश संख्या सा-3-1380/दस-2001-301(40)2001  दिनांक 31 जुलाई  2001 के अनुसार अस्थाई सरकारी सेवक को भी अनिवार्य सेवानिवृत्ति की स्थिति में सेवानिवृत्तिक लाभ दिया है

पितृत्व अवकाश हेतु शासनादेश और आवेदन प्रपत्र

ब –  स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति

कोई सरकारी सेवक जिसने 45 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली हो या जिसकी 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा की गई हो नियुक्ति प्राधिकारी को 3 माह का नोटिस देकर स्वेच्छा से सेवानिवृत्त हो सकता है, परंतु प्रतिबंध यह है कि ऐसे सरकारी सेवक द्वारा जिनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही विचाराधीन है चल रही हो दी गई नोटिस तभी प्रभावी  होती है जब उसे नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा स्वीकार कर लिया जाए, स्वेच्छा से सेवानिवृत्त होने के लिए सरकारी सेवक द्वारा दी गई नोटिस नियुक्ति प्राधिकारी की अनुज्ञा के बिना वापस नहीं लिया जा सकता है,  स्वेच्छा से सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी सेवक की सेवा अवधि के आगणन में 5 वर्ष या अधिवर्षता आयु प्राप्त होने पर सेवानिवृत्त होने में कितनी अवधी शेष रहती हो इन दोनों अवधियों में से जो भी कम हो, उस अवधि का अतिरिक्त लाभ अनुमन्य होता है।

5. असाधारण पेंशन

जब कोई कर्मचारी अपने पद के जोखिम के परिणाम स्वरुप मारा जाता है या चोट से मर जाता है तो उसके परिवार को असाधारण पेंशन तत्कालिक सहायता व अनुग्रह धनराशी दे होती है मृत्यु के प्रकरणों के अतिरिक्त उप शासनादेश दिनांक 19-8-1998 वह शासनादेश दिनांक 17-8-1993 के अनुसार कर्तव्य पालन के दौरान जो सेवक विशेष जोखिम की परिस्थितियों में गंभीर रूप से घायल हो जाने के कारण सेवा में बनाए रखने योग्य न रह जाए तो ऐसे सेवकों को भी मृत्यु के प्रकरणों की भांति असाधारण पेंशन तत्काल सहायता को अनुग्रह धनराशी दे होती है , शासनादेश संख्या सा-3-ए-41/10-918-  81 दिनांक 12-8-1983 के अनुसार असाधारण पेंशन पर भी उन्ही दरों  पर  राहत अनुमन्य है जिन दरों  पर उत्तर प्रदेश लिवर लाइव पेंशन रूल्स 1961, उत्तर प्रदेश रिटायरमेंट बेनिफिट्स रूल्स 1961, और नई पारिवारिक पेंशन स्कीम 1965 के अधीन प्राप्त पेंशनपर राहत  दी जाती है असाधारण पेंशन की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान की जाती है

6-एक्स ग्रेशिया पेंशन-

एक्सग्रेसिया पेंशन उन  सेवकों को देय होती है जो सेवा के दौरान अंधे या  विकलांग हो जाए और और जिन्हें नियम के अंतर्गत कोई पेंशन देय ना हो शासनादेश संख्या-सा-2-574/दस-942-75 दिनांक 19-6- 1976 के अनुसार यह योजना दिनांक 19-6- 1976 से लागू है

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